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Learn About Share Market in Hindi | शेर मार्केट क्या है जानिये हिन्दी मे।।

नमस्कार दोस्तों आइए बात करते हैं शेयर मार्केट के बारे में शेयर मार्केट क्या है क्यों है किस तरह से काम करता है क्या फायदे क्या नुकसान है रात में किस तरह से पैसे मैच कर सकते हैं यह मेरा चौथा पांचवा फाइनेंसियल एजुकेशन के ऊपर वीडियो है इससे पहले मैंने म्युचुअल फंड बिटकॉइन टैक्स सेविंग पर भी वीडियो बना रखे हैं जिन पर क्लिक करके देख सकते हैं जानते हैं शेयर मार्केट के बारे में वीडियो में

स्टॉक मार्केट शेयर मार्केट का इक्विटी मार्केट इन तीनों का एक ही मतलब है दोस्तों यह वह मार्केट होता है जहां पर आप किसी कंपनी के शेयर खरीद सकते हो या भेज सकते हैं शेयर खरीदने का मतलब है कि आप किसी कंपनी में कुछ परसेंट ओनरशिप खरीद रहे हो यानी कुछ परसेंट आप उस कंपनी के मालिक बन रहे यानी उस कंपनी को अगर प्रॉफिट होगा तो कुछ पोस्टर टू स्प्रेड का आपको भी मिलेगा उस कंपनी को कर लो होगा तो कुछ परसेंट क्लॉस का आपको भी सहना पड़ेगा सबसे छोटे स्केल पर मैं आपको इसका एग्जांपल बताओ तो दोस्तों मान लो आपको इतने स्टार्टअप खोलना आपके पास ₹10000 है लेकिन वह काफी नहीं है तो आप अपने दोस्त के पास जाते हैं और कहते हो कि तू भी ₹10 लगा 15050 पार्टनरशिप करेंगे तो आपकी कंपनी का जो फ्यूचर में प्रॉफिट होगा 50% आपको मिलेगा 50% आपके दोस्त को मिलेगा इस केस में 50% शेयर सांप ने अपने दोस्त को दे दिए इसका यही चीज बड़े स्टॉक मार्केट में होती है बस पर की है कि वहां पर आप अपने दोस्त के पास जाने की जगह पूरी दुनिया के पास जाते हो और कहती हो कि आओ मेरी कंपनी में सैलरी

शेयर मार्केट की शुरुआत आज से करीब 400 साल पहले हुई थी दोस्तों सिक्सटीन हंड्रेड के टाइम पर डच ईस्ट इंडिया कंपनी थी जैसे ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी थी वैसे एक डच ईस्ट इंडिया कंपनी विधि जो कंट्री आज के टाइम पर नीदरलैंड्स उस जमाने में दोस्तों लोग स्विफ्ट के द्वारा बहुत एक्सप्लोरिंग किया करते थे पूरे दुनिया का नक्शा डिस्कवर नहीं हुआ था तो एक कंपनी स्विफ्ट भेजती थी अपनी दूसरी दुनिया की खोज करने के लिए ट्रेड करने के लिए दूर-दूर तक तो हजारों किलोमीटर का सफर होता था जहाजों में बैठकर इसके लिए बहुत सारे पैसे की जरूरत होती थी यह पैसा किसी भी एक इंसान के पास इतना नहीं था उस टाइम पर किया आम लोगों को कि आप हमारे जहाजों में पैसा लगाओ हमारी शिफ्ट में पैसा लगाओ कि जब यह शिप्स इतना लंबा सफर तय करके किसी और देश जाएंगे वहां से जो भी खता नहीं लेकर आएंगे जो भी पैसे कमाकर आएंगी तो इनमें कुछ शेयर आपको मिल जाएगा उन पैसों का लेकिन यह काम बहुत रिस्की होता था दोस्तों क्योंकि उस टाइम पर आधे से ज्यादा जवाब तो वापस लौट कर नहीं आते थे

गुम हो जाते थे टूट जाते थे या लूट लिए जाते थे कुछ भी होता था उनके साथ तो इनमें से देखा है काम बहुत रिस्की था यहां पर उन्होंने डिसाइड किया कि एक जहाज में पैसे लगाने से अच्छा पांच छह जहाजों में पैसा लगाओ कि चांद तो एक नहीं तो मैं से वापस आया और एक जहाज दोस्तों मल्टीपल इन्वेस्टेड के पास जाकर यह पैसे लेता था तो यह कहीं ना कहीं एक तरह से शेयर मार्केट लेट हो गया ओपनिंग सोती थी वहां पर जादू की पॉकेट डॉग पर डॉग खोजे गए होते जाते शिफ्ट निकलती है देखते ही देखते दोस्तों सिस्टम फॉर सक्सेसफुल हो गया कि कंपनी इस को जो पैसों की कमी होती थी वह आप लोग पूरी कर देते थे और आम लोगों को यहां पर और ज्यादा पैसे कमाने का मौका मिल जाता था आपने हिस्ट्री किताबों में पढ़ा ही होगा कि ईस्ट इंडिया कंपनी और डच ईस्ट इंडिया कंपनी कितनी अमीर बन गई थी उस टाइम पर आज के दिन दोस्तों ऑलमोस्ट हर कंट्री में अपना स्टॉक एक्सचेंज और हर कंट्री स्टॉक मार्केट पर बहुत डिपेंडेंट बन गई है

तो किस चीज में जगह है वह बिल्डिंग है जाकर लोग कंपनी से सेट को खरीदते और भेजते हैं दो टाइप के मार्केट में से डिवाइड किया जा सकता है प्राइमरी मार्केट और एक सेकेंडरी मार प्राइमरी मार्केट गोहद उसको झपक कंपनी जाकर अपने शेयर को भेजती है यह कंपनी के ऊपर है कि वह क्लिक क्या प्राइस रखे अपने शहर का हालांकि इसमें कुछ रेगुलेशंस भी होती हैं लेकिन कंपनी ज्यादा ऊपर नीचे कर नहीं सकती क्योंकि ऑफिस लिए डिमांड पर डिपेंड करता है कितना प्राइस ऑफ लोग देने को तैयार है कंपनी के शेयर के लिए अगर एक कंपनी 100000 की वैल्यू है कंपनी की 100000 सीट बांटती है और ₹1 पर शेयर में लोगों को ऑफर करती है अब अगर उसकी डिमांड ज्यादा है लोग चाहते हैं कि मैं भी शेयर करो दूं मैं भी शेयर कर दूं तो ज्यादा प्राइस में भेजता ही अपने शेर को तो कहा आजकल कंपनी क्या करती है कि मिनिमम प्राइस होता है एक मैच में प्राइस होता है तो 1 रेंज डिसाइड कर देती है कंपनी कि मैं इस रेंज के अंदर अपने सेट को यहां पर भेजूंगी

यहां पर ध्यान रखने वाली बाकी है दोस्तों की एक कंपनी के हर शेयर की वैल्यू इक्वल होती है अभी कंपनी के ऊपर है कि वह अपने कितने शेर बने 100000 वाली होगा टोटल कंपनी की ₹1 के 100000 शेयर भी बना सकती है या फिर 50 पैसे के 200000 शेयर भी बना सकती है और वैसे तो उससे जब कंपनी ने अपने शेयर मार्केट में शेयर भेजती है वह कभी भी हंड्रेड परसेंट नहीं भेजते कौन होता है वो हमेशा मेजॉरिटी और देखे तो रखता है यह था कि उसकी डिसीजन मेकिंग पावर है अगर आप सारे विशेज बेस्ट डालोगे तो जितने लोगों ने शेयर खरीदे हैं सब ओनर्स बन गए उस कंपनी के सब मालिक बन गए उस कंपनी के तो सब डिसीजंस भी ले सकते हैं उस कंपनी के लिए जिस जिस इंसान के पास 50% से ज्यादा ओनरशिप रहेगी वहीं डिसीजन ले पाएगा एक कंपनी के लिए पाउडर सोते हैं कंपनीज टो प्रेफर करते हैं कि 50% से ज्यादा शेयर तो अपने पास ही रखें जैसे फेसबुक का करीब 60% शेयर मार्क जकरबर्ग के पास ही है अब जिन लोगों ने कंपनी से शेयर

खरीदनी है अब यह शेयर यह जाकर और लोगों को भेज सकते हैं इसे कहते हैं कि मार्केट दोस्तों जाकर लोग अपने आप में शेर को बेचते खरीदते शेर की ट्रेडिंग करते हैं प्राइमरी मार्केट में कंपनी ने प्राइस सेट सेट कर दिया था अपने शहर का अब सेकेंडरी मार्केट में कंपनी कुछ नहीं कर सकती अपने शेयर प्राइस का अभी शेयर प्राइस पर नीचे होते रहेगा यह देखकर की डिमांड कितने लोगों की किसी शहर को खरीदने में सप्लाई कितनी है उसकी तो डिमांड और सप्लाई को देखकर सेकेंडरी मार्केट में शेयर प्राइस आफ ऊपर-नीचे होते रहेगा

ऑलमोस्ट हर बड़ी कंट्री में अपनी स्टॉक एक्सचेंज होती है इंडिया में दो सबसे पॉपुलर स्टॉक एक्चेंजेज है एक है बंबई स्टॉक एक्सचेंज में करीब-करीब फाइव थाउजेंड फोर हंड्रेड कंपनीज रजिस्टर्ड है और एक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज हमारे जिसमें बंधन एंड कंपनी रजिस्टर्ड कंपनी स्टॉक एक्सचेंज में रजिस्टर्ड है स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी के शेयर प्राइस सुपर जा रहे हैं नीचे जा रहे कैसे देखा जाए इस चीज को मैसेज करने के लिए दोस्तों हमारे लिए एक मेजरमेंट बनाई गई है सेंसेक्स और निफ्टी सेंसेक्स बंबई स्टॉक एक्सचेंज की टॉप थर्टी कंपनी का एक एवरेज फ्रेंड दिखाता है कि एवरेज आउट करके उन सारी 30 कंपनियों के शेयर प्राइस पर जा रहे हैं नीचे जाते सेंसेक्स का फुल फॉर्म सेंसटिविटी इंडेक्स भी यही दर्शाता है जो नंबर है दोस्तों किया जीत के करीब पहुंच चुका है इस नंबर की खुद में कोई वैल्यू नहीं है आप इस नंबर को हमेशा पास से कम

पैर करके देखे तब आपको उसकी वैल्यू समझ में आएगी क्योंकि यह जो नंबर है यह थोड़ा रेंडमाली डिसाइड किया गया है कि शुरू में उन्होंने डिसाइड कर लिया कि यह 30 कंपनी इसका इस वक्त यह शेर वाली चौमिन सारे नंबर को कंपाइल कर के हम 500 तो धीरे-धीरे सेंसेक्स बढ़कर पोर्ट तक पहुंच गया पिछले 50 सालों में कुछ तो यह दिखाता है कि पिछले 50 सालों में इस कंपनी के शेयर प्राइस कितना कितने ऊपर गए हैं प्राइस ऐसी हमारे निफ़्टी इंडेक्स है नेशनल पर 50 नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की टॉप फिफ्टी कंपनी के शेयर प्राइस इसमें क्या ऊपर नीचे का ट्रेन दिख रहा है निफ्टी दिखाता है यहां पर

अगर एक कंपनी को किसी स्टॉक एक्सचेंज पर जाकर अपने शेयर बेचने हैं तो इसे कहेंगे पब्लिक लिस्टिंग कराना उस कंपनी की अगर एक कंपनी पहली बार कर रही है तो उसे कहेंगे आईपीओ इनिशियल पब्लिक ऑफर की पब्लिक को अपने सेट पहली बार ऑफर करार ईस्ट इंडिया कंपनी के जमाने में काम करना बहुत ही आसान तक कोई भी अपनी कंपनी को लाकर पब्लिक के सामने शेर भेज सकता था लेकिन आज के टाइम पर दोस्तों यह प्रोसीजर बहुत ही लंबा और कॉम्प्लिकेटेड है और होना भी चाहिए क्योंकि काम करना कितना आसान है लोगों को कोई भी अपनी एक कंपनी बनाकर स्टॉक एक्सचेंज में बैठेगा और बढ़ा चढ़ाकर करके देखो मेरी कंपनी कितनी वाली को मेरी कंपनी में यह सब किया है लोगों को झूठ बोलेगा और लोग बेवकूफ बन कर उसकी कंपनी में पैसे इन्वेस्ट करते हैं और वह पैसे लेकर भाग जाएगा या तो हम बहुत ही आसान हो गया न स्कैम करना पर इंडिया ने दोस्तों हिस्ट्री में ऐसे बहुत से स्कैम देखे हैं हर्षद मेहता स्कैम सत्यम स्कैम यह सब यही चीजें थी लोगों को बेवकूफ बनाकर स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग कराई अपनी पैसे लिए और भाग गए वहां से

धीरे-धीरे दोस्तों जैसे ऐसी स्कैन सोते रहे वैसे वैसे स्टॉक एक्सचेंज उसको पता लगने लगा कि हमें अपने पूरे प्रोसीजर को और स्ट्रांग बनाना पड़ेगा कैंप रूप बनाना पड़ेगा इसके लिए रेगुलेशंस और स्ट्रांग बनाते रूट्स और स्ट्रांग बनाते गए जिसकी वजह से आज काफी कॉम्प्लिकेटेड रूल थे सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया टीवी यह रेगुलेटरी बॉडी है जो इन सब चीजों को देखती है दोस्तों की कौन सी कंपनी इसको चौक मार्केट पर लिस्ट किया जाए और सही तरीके से किया जा रहा है कि नहीं किया जा रहा है दोस्तों इस को पहले फुल फिल करना पड़ेगा कि आपकी कंपनी के अकाउंट इन पर काफी चेक्स एंड बैलेंसस होने चाहिए कम से कम दो ऑडिटर्स ने आपकी कंपनी से अकाउंट को चेक किया होना चाहिए 3 साल लग सकते हैं इस पूरे प्रोसेस में 50 से ज्यादा शेयर होल्डर ऑलरेडी होने चाहिए अभी कंपनी में अगर आपको पब्लिकली लिस्ट कराना किसी कंपनी को और जब अपनी सीट बेचने जाओगे आपके सेठ की अगर कोई डिमांड नहीं हुई लोगों के बीच में तो सी भी आपकी कंपनी को स्टॉक मार्केट से हटा भी सकता है

अब आप कैसे स्टॉक मार्केट में पैसे इन्वेस्ट कर सकते हैं ईस्ट इंडिया कंपनी के टाइम पर तो आपको उस जमाने में उस डॉग पर जाकर जाकर जहाज निकल रहे थे वहां पर जाकर यह बिल्डिंग कर सकते थे खरीद बेच सकते थे स्टॉक को इंटरनेट के आने से पहले सेटिंग में जाकर काम करना होता लेकिन इंटरनेट के आने के बाद तो आपको सिर्फ तीन चीजों की जरूरत है एक बैंक अकाउंट एक ट्रेडिंग अकाउंट और एक डीमैट अकाउंट बैंक अकाउंट इसलिए आपको अपने पैसों की जरूरत होगी ट्रेडिंग अकाउंट डिलीट कर सके आप पैसे इन्वेस्ट कर सके किसी कंपनी में और डीमैट अकाउंट होता है दोस्तों स्टॉप शॉप खरीद रहे हैं उसे स्टोर करने के लिए एक डिजिटल फॉर्म में शोर करने के लिए उन स्टॉप्स को आज कल जाकर बैंक थ्री इन वन अकाउंट सफर करने लग गए हैं कि तीनों अकाउंट आपके बैंक अकाउंट केंद्र इन बोल्ड हम जैसे लोगों कहेंगे आप लोग जो इन्वेस्ट करना चाहते हैं स्टॉक मार्केट में रिटेल इन्वेस्टर्स को हमेशा जरूरत होती है

बायर और सेलर को एक साथ मिल आता है अब हमारे लिए ब्रोकर हमारा बैंक भी हो सकता है या कोई और थर्ड पार्टी ऐप भी हो सकती है कोई प्लेटफार्म भी हो सकता है जवाब खोज कर तू पैसे लगाते हैं स्टॉक मार्केट में विद्रोह कर अपना कुछ कमीशन रख लेता है इसे कहते हैं ब्रोकरेज अरे यह ब्रोकरेज रेट दोस्तों बैंक जाकर चार्ज करते हैं अराउंड 1% ज्यादा हाय इतना होना नहीं चाहिए आपको अगर कहीं से ढूंढ लेंगे तो आपको ऐसे प्लेटफार्म से मिल जाएंगे जो ब्रोकरेज रेट 0.05% दे रहे हो या 0.1% दे रहा है ब्रोकरेज डेट उनके लिए डिसएडवांटेज है अगर जो ज्यादा ट्रेडिंग करना चाहते हैं स्टॉप से यानी 1 दिन में इतने सारे स्टाफ खरीदे इतने सारे भेजे तो बहुत सारा पैसा आपका इस ब्रोकन पीस में चला जाएगा लेकिन अगर आप इन्वेस्टिंग करना चाह रहे लॉन्ग टर्म के लिए तो दादा ब्रोकरेज देश इतना फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि आप एक बार ही देंगे उस ब्रोकरेज डेट को

तो इन्वेस्टिंग नॉट रीडिंग दो अलग-अलग चीजें हैं इन्वेस्टिंग का मतलब है आपने एक बार ही पैसे लगाए स्टॉक मार्केट में और कुछ टाइम तक उसे रहने दिया वहां पर और ट्रेडिंग का मतलब है कि आप जल्दी से काफी पैसे लगाते हो यहां पर काफी भा लगाते हो कुछ निकाल लेते हो कुछ निकाल लेते हो तो बहुत जल्दी जल्दी काम करते रहते हैं इन फैक्ट ट्रेडिंग करना दोस्तों खुद में ही एक जॉब है सिर बहुत से लोग हमारे देश में सिर्फ ट्रेडर्स और दिनभर बैठकर यही काम करते हैं पैसे इस शेर से निकाले उस शहर में डालें यहां से निकाला वहां डालो यहां से प्रॉफिट कम है तो सबसे इंपोर्टेंट सवाल यहां पर युवती क्या आप कुछ शेयर मार्केट में पैसे इन्वेस्ट करने चाहिए काफी लोग इसे जुए से कंपेयर करते हैं गैंबलिंग कहते हैं कि इसमें इतना ज्यादा रिस्क होता है और मेरी राय में दोस्ती बिल्कुल सही कहते हैं एक तरह की गैंबलिंग ही है अगर आपको नहीं पता कि वह कंपनी किस टाइप की है कंपनी की परफॉर्मेंस कैसी रही है कंपनी के एग्जैक्ट ली पैरामीटर क्या है फाइनैंशल रिकॉर्ड क्या है कंपनी का उसकी अकाउंट्स एकाउंटिंग इंफॉर्मेशन देखकर आप हिस्ट्री नहीं देखते

एक तरह से जुआ खेलने जैसा ही है क्योंकि आपको कोई आईडी आई है कि वह कंपनी फ्यूचर में कैसा परफॉर्म करेगी बस आप लोगों की बात सुनकर कि लोग कह रहे हैं कि कंपनी अच्छा परफॉर्म कर रही है इसमें शेयर मार्केट में पैसे लगा ले तो इसलिए आप लगा रहे हो यहां पर यह काम बिल्कुल नहीं करना चाहिए दोस्तों यह बहुत ही रिस्की होता है करना और कुछ लोग यहां पर जो रात दिन यह काम कर रहे हैं जैसे कि ट्रेडर्स है जो एक्सपोर्ट से ज्यादा नॉलेज है स्टॉक मार्केट के बारे में ज्यादा अच्छा होगा कि सब कैसे काम करता है शेयर मार्केट में डायरेक्ट नहीं करना चाहिए अब इसका एक बहुत अच्छा कौन है म्यूचुअल फंड क्योंकि म्यूचुअल फंड्स में क्या होता है आप डायरेक्टली खुद नहीं डिसाइड करते कि किस कंपनी में इन्वेस्ट करना है म्यूचुअल फंड्स में एक्सपोर्ट पर भरोसा डालते हो वह एक्सपोर्ट्स डिसाइड करें कि किस किस कंपनी में इन्वेस्ट किया जाए इंतजार म्यूच्यूअल फंड्स ढेरों कंपनीज में इन्वेस्ट करते हैं ताकि लॉस होने के चांसेस काफी कमरे यहां पर जैसे कि मैंने ईस्ट इंडिया कंपनी का एग्जांपल दिया

इन्वेस्टेड बहुत जल्दी समझ गए थे कि एक जहाज में पैसे कभी मत डालो अपने पांच छह जहाजों में पैसे लगाओ अपने तक ही चांद सी जी रहे हैं कम से कम एक तो वापस लौट किया है तो म्यूच्यूअल फंड्स भी ऐसा ही काम करते हैं बहुत जगह अलग-अलग कैसे लगाते हैं आप पर और म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करने के लिए दोस्तों यहां पर बहुत अच्छी एप है कुबेर कुबेर है कैसी है फैक्ट्स एंड ब्रोकरेज चार्ज करती है याद करेंगे तो यह अपने लिए जीरो पर्सेंट कमीशन ले कि आप कितने भी पैसे इन्वेस्ट करें एक सवाल यहां पर ही उठेगा तो खुद से कैसे पैसे कमाती है इस आपने लिखा है दोस्तों की है अपने बाकी इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट बेच कर पैसे कमाती है लेकिन म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट इन ए कंपलीटली फ्री रख रखी है एक बहुत ही सुनी और स्पेशल चीज है जो आज तक मैंने किसी और आप में नहीं देखिए दोस्तों बाकी सब की और पीछे से क्या बिस्मिल सेट कर सकते हो जो घर खरीदना है गाड़ी खरीदनी है अभी साथ में लिखो कितनी टोटल कॉस्ट होगी उसकी कितने साल बाद और उसे खरीदना चाहते हो और अब फ्रेंड कितनी पेमेंट कर सकते हो उसकी और यह आपको अपने एल्बम ऑडिशंस का इस्तेमाल

करके आपको बता दें कि आपको इन इन यूट्यूब फंड से पैसे इन्वेस्ट करने चाहिए यही गौरीशंकर इस्तेमाल करके आप आपको यह भी बता देती है क्या मिनिमाइज कैसे कर सकते हो अपने जो लोंग टर्म कैपिटल गैंस टैक्स हो तब भी आप कहीं पैसे इन्वेस्ट करते जो आपको देना पड़ता है तो यह आफ इन्फ्लेशन को अकाउंट में रखे और यह सब देख कर बता देगी आपको इस साल इतने इतने पैसे इन्वेस्ट करने चाहिए इस साल इतने पैसे इन्वेस्ट करना चाहिए इस साल आपको निकाले चाहिए कि आप एक टेक्स मिनिमम हो या तो मैं आपको कमेंट करूंगा तो इसको इंस्टॉल कीजिए आप का धन्यवाद करना चाहूंगा इस वीडियो को स्पॉन्सर करने के लिए दोस्तों इस वीडियो से काफी कुछ नया सीखा तो इस वीडियो को शेयर कीजिए और नीचे कमेंट में लिख कर मुझे बताइए कि नेक्स्ट किस टॉपिक पर किस एजुकेशन एंड फाइनेंस टॉपिक पूरा वीडियो देखना चाहेंगे चलिए मिलेंगे हम अगले वीडियो में दोस्त का बहुत-बहुत धन्यवाद।।

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